सवा साल में पीने योग्य हो जाएगा यमुना का पानी: नितिन गडकरी - News: Today's Top News Headlines, Breaking News and Live News

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Thursday, 24 January 2019

सवा साल में पीने योग्य हो जाएगा यमुना का पानी: नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट का आगरा में शिलान्यास कर दिया है. यहां उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के शासनकाल में यहां 5000 करोड़ खर्च करने के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकले. मोदी जी के पीएम बनने के बाद, हमने न सिर्फ गंगा नदी को साफ करने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया बल्कि यमुना को भी साफ करने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया है. Union Minister Nitin Gadkari at the foundation laying ceremony of Namami Gange project in Agra: It was announced during Rajiv Gandhi's tenure, Rs 5000 Cr were spent but yielded no result. After Modi ji became PM, we started projects to clean not only river Ganga but also Yamuna. pic.twitter.com/2FNO8ZdNO6 — ANI UP (@ANINewsUP) January 23, 2019 आगे उन्होंने कहा कि मैं आपको वचन देता हूं कि आज से 1.3 साल के अंदर यमुना का पानी इतना शुद्ध होगा कि आप जाकर ग्लास में डालकर वो पानी पी सकोगे, इतना अच्छा बनेगा, ऐसा वचन मैं आपको देता हूं. Union Minister Nitin Gadkari at foundation laying ceremony of Namami Gange project in Agra: Main aapko vachan deta hoon ki aaj se 1.3 saal ke andar Yamuna ka pani itna shudh hoga ki aap jakar glass mein dalkar wo paani pi sakoge,itna achha banega, aisa vachan main aapko deta hoon https://t.co/KCTIaBQW6G — ANI UP (@ANINewsUP) January 23, 2019 केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि दिल्ली और मथुरा में यमुना की सफाई के लिए जिस गति से काम हो रहा है, उसके पूरा होने पर सवा साल के भीतर नदी का पानी पीने योग्य हो जाएगा. उत्तर प्रदेश के मथुरा और आगरा जिले में ‘नमामि गंगे’ मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद उन्होंने यह बात कही. केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी बुधवार को मथुरा में ‘नमामि गंगे’ मिशन के तहत 460.45 करोड़ की लागत वाले मथुरा व वृन्दावन के सीवेज सिस्टम की नवीनीकरण परियोजना का शिलान्यास करने पहुंचे थे. गडकरी ने कहा कि गंगा-यमुना की शुद्धी हमारे लिए राजनीति का विषय नहीं है. यह काम करके हम चुनाव जीतने की आशा भी नहीं रखते हैं. गंगा हमारी संस्कृति और इतिहास का अंग हैं. गंगा मैली होने से दुनिया में हमारा सिर शर्म से झुक जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. मिशन की सभी परियोजनाएं पूरी होते-होते गंगा-यमुना पूरी तरह से शुद्ध हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने 1994 में गंगा एक्शन प्लान के तहत 7,000 करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन नतीजा शून्य रहा. ‘‘हमारी सरकार ने अब नदी स्वच्छता का बीड़ा उठाया है और गंगा तथा उससे जुड़े 40 नदियों को स्वच्छ बनाने का काम चल रहा है. गडकरी ने केन्द्र सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि अभी तक 75 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. इसी वजह से प्रयागराज में कुंभ स्नान के वक्त गंगा स्वच्छ है. वहां से लोग मुझे, मेरी सरकार को और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे मिशन’ के तहत दिल्ली में यमुना की 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है. इससे पहले सोनीपत व पानीपत में 218 करोड़ की लागत से पूरा सीवेज सिस्टम दुरुस्त किया गया है. ‘‘सभी काम पूरे होने पर यमुना का पानी इतना शुद्ध हो जाएगा कि उसे पिया जा सकेगा.’’ केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान दिल्ली से मथुरा होते हुए आगरा तक के लिए ‘एयरबोट’ सेवा शुरू करने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि इसका परीक्षण फरवरी माह में होगा. गडकरी ने आगरा में भी कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया.

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