नीरजा बिड़ला का कहना है कि आजकल के युवा (Youth) सोशल मीडिया (Social Media) पर वर्चुअल लाइफ (Virtual Life) जीते हैं, जबकि उनका वास्तविक जीवन अलग बिल्कुल होता है. दोनों जीवन में अंतर के कारण ही वे चिंता, स्वाभिमान में कमी जैसे मामलों से जूझते हैं.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/3f7mUSd
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